नमो भगवती माँ सरस्वती, ज्ञान का उपहार दे ।
आवाहन कर रहा आपका, आ विराजो माँ पटल पर ! २
सुन विनती हे भारती !! कर तू वीणा का झंकार
कलुष भाव हृदय से मिटे ,, शुद्ध होये विचार,
ब्रह्म विचार की परम तत्व, हृदय में अनूठे भाव दे
आवाहन कर रहा आपका, आ विराजो माँ पटल पर ।२
मनसा वाचा कर्मणा, ध्यान धरूँ माँ हृदय स्थल
आत्म शुद्धि हो जाये मेरा, मन हो जाये निर्मल,
नमो भगवती माँ सरस्वती, मुझे ज्ञान का उपहार दे
आवाहन कर रहा आपका, आ विराजो माँ पटल पर ! २
शुक्ल वर्ण, शुक्लांबरा, वीणा पुस्तक धारिणी,
आदि शक्ति, मूल प्रकृति, क़मल पर तू विराजती,
हे माँ भगवती, सरस्वती, छंद सुर ताल का ज्ञान दे
आवाहन कर रहा आपका, आ विराजो माँ पटल पर ! २
हे स्वर साधना की देवी, नित ध्यान धरूँ मैं श्री चरणों में
कृपा अपनी बनाये रखना, बसो तुम मेरे मन मन्दिर में,
नमो भगवती माँ सरस्वती, ज्ञान का उपहार दे
आवाहन कर रहा आपका, आ विराजो माँ पटल पर ! २