हे कान्हा तुम अब आ जाओ

विपत्ति पड़ी है बहुत ही भारी हे कान्हा तुम अब आ जाओविपत्ति पडी है बहुत ही भारी, त्रसित हो रहे सब नर नारीराक्षसों की भीड़ खड़ी है, विध्वंस कर रहे दुनिया सारी एक द्रौपदी ही नहीं धरा पर,चहुँओर चीर हरण हो रहा हैचीत्कार कर रही अबला सारी, नारी की लाज बचा जाओपार्थ हुये निष्क्रिय आज … Read more

रे मन क्यों बौराया भजन

रे मन क्यों बौराया इस जग मेंभटक रहा तू इधर उधर !नहीं रहता स्थिर एक समय चलायमान सदा दिखता हैमृगतृष्णा में बहक गया है अपने अस्तित्व को भूल गया पुण्यों से मिलता मानव तन है इसको तूने क्यों व्यर्थ किया पहचानी राह न जाना किधरतू भटक रहा है इधर उधर । रे मन सेवा, परोपकार, … Read more

तीन मुट्ठी तंदुल

प्रिये ! दे दो मुझे कुछ भेंट कान्हा से मिलने जाना हैमेरा कान्हा अब वह कान्हा नही विश्व का प्रसिद्ध योद्धा है नमन करते हैं तीनों लोक त्रिलोकीनाथ कहलाता है रखना है उसके प्रतिष्ठा का मान खाली हाथ नही जाना है हाँ मैं ठहरा एक ब्राह्मण गरीब भिक्षा से केवल नाता है माँगेगा न वह … Read more

मेरे शिव जी

मेरे शिव जी मेरे हृदय विराजे क्यों दर दर भटकूँ मैं गलियों में ..मेरे मन मन्दिर में एक शिवाला हर क्षण दर्शन पाऊँ मैं शिव जी मेरे हृदय विराजे क्यों भटकूँ मैं गलियों में मन कर्म और वाणी सेशुद्ध अंतःकरण है मेरामेरे रोम रोम में शिव विराजे क्यों दर दर भटकूँ मैं गलियों में बारहों … Read more

हनुमान भजन

दुनिया चले न श्रीराम के बिना राम जी चले न हनुमान के बिना ।सीता मिले न श्रीराम के बिना पता न चले हनुमान के बिनारावण मरे न श्रीराम के बिना लंका ज़ले न हनुमान के बिना ।लक्ष्मण बचे न श्रीराम के बिना बूटी न मिले हनुमान के बिनाख़ुशियाँ मिले न श्रीराम के बिना संकट न … Read more

ईश्वर मानव संवाद

हे प्रभु ! मेरे पाप हरो, मेरे विघ्न हरो मेरे जीवन का कल्याण करें, तुम पाप हर्ता , विघ्न हर्ता कहलाते हो अपने वचनों को याद करें । हे मानव ! तू पाप करे, दुष्कर्म करे ,पर अपेक्षा करे मैं तेरे पाप हरूँ, यह न्याय कैसा जरा तू ही बता क्यों तेरा उद्धार करें ? … Read more

भरत चले भाई राम को मनाने

आँखों में आँसू, मन में तड़प है भरत चले भाई राम को मनानेत्याग, प्रेम की ज्योत जलानेभरत चले भाई राम को मनाने॥अयोध्या शोक में डूबी नगरिया,सूनी पड़ी हर गली डगरिया।पशु-पंछी भी मौन हुए,भरत चले राम को मनाने॥दशरथ राजा स्वर्ग सिधाए,राम-लखन-सिया वन को जाए।भाई बिछोह में मन घबराए,भरत चले राम को मनाने॥कृश तन, नंगे पाँव चलें,हृदय … Read more

भगवान भी रोते हैं

मन में एक प्रश्न उठा क्या कभी ईश्वर भी रोता है ? सही उत्तर यही प्रतीत होता है ऐसा संभव ही नही है ..सृष्टि के रचयिता को किस बात का दुख है जो वह रोये कदापि नही .परन्तु ऐसा नहीं है .. ऐसा भी होता है जब भगवान रोते हैंभगवान श्रीकृष्ण मित्र सुदामा के पैरों … Read more

राम और कृष्ण

राम कृष्ण दो नाम अलग दोनों भिन्न भिन्न दिखते हैं दोनों ही है विष्णु अवतारी दोनों एक ही होते हैं ।युग युग की अपनी महिमा है नर लीला प्रभु वैसी करते हैंदोनों ही तो विष्णु स्वरूपदो रूप पर एक ही होते हैं ।बारह कलाओं से राम चन्द्र नियमों में बंधे से दिखते हैं,कृष्ण सुशोभित सोलह … Read more

जप ले राम का नाम भजन

साधक, सिद्ध और योगी गण,नित जपते हृदय में प्रभु का नाम पाते वे अनुपम, अनिर्वचनीय विश्राम,रे मन ! जप ले तू राम का नाम । जो नित राम नाम जपते हैंमिट जाते उनके भव संकट सारे,जीवन में राम नाम ही है आधार, रे मन ! जप ले तू राम का नाम ।चारों युगों में है … Read more