हे कान्हा तुम अब आ जाओ
विपत्ति पड़ी है बहुत ही भारी हे कान्हा तुम अब आ जाओविपत्ति पडी है बहुत ही भारी, त्रसित हो रहे सब नर नारीराक्षसों की भीड़ खड़ी है, विध्वंस कर रहे दुनिया सारी एक द्रौपदी ही नहीं धरा पर,चहुँओर चीर हरण हो रहा हैचीत्कार कर रही अबला सारी, नारी की लाज बचा जाओपार्थ हुये निष्क्रिय आज … Read more