ओ बेबो ! ओ बेबो ! ओ मेरी प्यारी बेबो .
तू तो है मेरी प्यारी बेबो,,,..मैं तेरा पप्पी हूँ
इसी नाम से मुझे पुकारती, नाना मुझको नहीं कहती है
इसकी भी एक कहानी है, बचपन ऐसा ही होता है
बड़ी होगी तो सब जानेगी, शब्दों में क्या रखा है न बेबो
ओ बेबो ! ओ बेबो ! ओ मेरी प्यारी बेबो
हम गद्दा गद्दा खेलते थे, तू जमकर मुझे कूद कराती थी
जैसे जैसे तू कूदती थी, वैसा ही मुझसे कराती थी
फालो तुझको मैं करता था, तेरा संग मुझे खूब भाता है
तू मुझको मिस अब करती है,मैं तुझको मिस करता हूँ बेबो
ओ बेबो ! ओ बेबो ! ओ मेरी प्यारी बेबो .
लुका छिपी हम करते थे, तू मुझे ढूँढती रहती थी
गाड़ी पर तुझे बैठाता था,तू माल घूमने संग मेरे जाती थी
तेरी वे सब मीठी मीठी बातें, याद मुझे बहुत आती हैं
आँखों में आँसू भर आता है,जब याद तुझे मैं करता हूँ बेबो
ओ बेबो ! ओ बेबो ! ओ मेरी प्यारी बेबो
माना बिछुड़न यह लंबा है, प्रतीक्षा तुम्हें लंबी करनी है
पर परेशान मत होना, मम्मी पापा के साथ घूमने जाना
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर, हार्दिक बधाई मैं देता हूँ
आशीर्वाद यही है मेरा, खूब खुश रहे, पढ़े लिखे, मेरी बेबो
ओ बेबो ! ओ बेबो ! ओ मेरी प्यारी बेबो
तुम्हारा पप्पी “ नाना”
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