ख़ाली हाथ

ख़ाली हाथ ✍️✍️

कौन कहता है

खाली हाथ आये थे

और खाली हाथ जायेंगे?
हमने जो पूर्वजन्म में कर्म किये थे

वह कर्मफल लेकर आये थे

और इस जन्म के कर्मों को

साथ लेकर जाएंगे,

पर कोई न देख पाया था

और न आगे देख पायेगा

केवल ख़ाली हाथ नज़र आयेगा।

जीवन मृत्यु के इस चक्र में

हमारे कर्म ही तो निर्णायक है

भव बंधन में यही बांधते हैं

रामायण में यही हम पाते हैं

भगवान श्रीकृष्ण गीता

में अर्जुन को यही सुनाते हैं

इस सृष्टि के विधान को

न कोई समझ पाया है

और न कोई समझ पायेगा

केवल ख़ाली हाथ नज़र आयेगा ।

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