नमस्कार के प्रकार

मित्रों सुबह होने वाली है मन में मेरे विचार आया ,,,जरा देखे कितने प्रकार के शब्दों से हम आपको नमस्कार कर सकते हैं ! तो शुरू होते है, कुछ नाम हम लेते है, कुछ नाम बदले में आप भी ले ले और हम एक सूची क्यों न तैयार कर लें ।

प्रेम से बोलो -जय श्री राम,

जय श्री राधे, जय घनश्याम

नमन ! नमस्ते ! नमस्कार !

नमो नारायण और प्रणाम ।

जय जिनेंद्र , जय श्री अकाल

अलख निरंजन, जय महाकाल

हरि ॐ, जय जीव, अभिनंदन, वंदन,

अभिवादन, चरण स्पर्श, आपकी जय हो ।

पायलागी, पायलागूं ,

अस- सलाम वालेकुम,आदाब अर्ज़,

शुभ प्रभात, शुभ संध्या, शुभ रात्रि

शुभ उपसर्ग जोड़ करते प्रणाम

गुड मार्निंग भी हम करते हैं

पाश्चात्य की नक़ल खूब हम करते हैं ।

एक प्रणाम विशेष होता है

साष्टांग या दंडवत् प्रणाम !!

अब तो ये नही प्रचलन में

काम चलाऊ हैं सब प्रणाम ।

द्वौ पैर, द्वौ जांघे छाती, सिर और आँखें

अर्ध लेट जाते हैं हम धरा पर,

अनुराग सहित मनसा वाचा

होता साष्टांग या दंडवत् प्रणाम ।

भाव मुद्रायें भी कुछ होती हैं

वर्णन कुछ ऐसा करता हूँ

हाथ जोड़कर सिर झुका कर

हम करते नित प्रणाम ।

जल्दी में जब होता हूँ

हाथ हिला कर करता प्रणाम ।

कभी हाथ केवल जोड़ लेते हैं

नेता बन हम करते प्रणाम ।

कभी सिर झुकाये हाथ जोड़

बिन आँख मिलाये करते प्रणाम ।

शत्रु से यदि सामना हो जाये

आंख में आंख डालकर करता प्रणाम !

जैसा भी हो मित्रवर

स्वीकार करो मेरा प्रणाम 🙏

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