भैरव रूप शिव स्तुति

विभत्स हूँ निर्लेप हूँ

समाधी में मैं चूर हूँ

तांडवित- नृत्य पर

सृष्टि का संहार हूँ ।

मैं रुद्र हूँ ! मैं रुद्र हूँ ! मैं रुद्र हूँ !

मैं रुद्र हूँ त्रिनेत्र हूँ

काल का कपाल हूँ

श्मशान में हूँ नाचता

मृत्यु का मैं ग़ुरूर हूँ ।

मैं रुद्र हूँ ! मैं रुद्र हूँ ! मैं रुद्र हूँ !

मैं आग हूँ मैं राख हूँ

मैं आदि और अन्त हूँ

ज्ञान - विज्ञान रूप

प्रकाश में मैं ज्योति हूँ ।

मैं रुद्र हूँ ! मैं रुद्र हूँ ! मैं रुद्र हूँ !

मैं शेष हूँ सर्वेश हूँ

भैरव रूप औघडदानि हूँ

आर्त की पुकार पर

सुलभ और उदार हूँ ।

मैं रुद्र हूँ ! मैं रुद्र हूँ ! मैं रुद्र हूँ !

स्वरचित रचना

@सर्वाधिकार सुरक्षित रचना

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