मेरा सफ़र मेरी दास्ताँ
मेरा सफ़र मेरी दास्ताँसमर्पण“मातृदेवो भव, पितृदेवो भव।”“पितृपादोदकं तीर्थं, मातृवाक्यं हि मन्त्रवत्।”इस जीवन-यात्रा का समस्त गौरव मैं अपने पूज्य पिताश्रीश्री राम नरेश त्रिपाठी जी तथा स्वर्गीय माताश्री रुक्मणी देवी जी के पावन चरणों में समर्पित करता हूँ।आपका पुत्र होना मेरे लिए परम गर्व और सौभाग्य है।प्रभु से मेरी यही प्रार्थना है कि जन्म-जन्मांतर में मैं आपका … Read more