मत हो निराश मेरे बच्चों, जीवन पथ पर तुम्हें चलना है
मिलेंगे काँटे जगह जगह, काँटों को साफ तुम्हें करना है
कमजोर तुम्हारा वक्त है तुम नही, वक्त भी गुज़र जायेगा
खिलेंगे फिर फूल चमन में, नया सवेरा फिर आयेगा
हिम्मत ही तेरा संबल है, हिम्मत ही होता आत्मबल है
वीर हार से नहीं घबराते हैं, हार से सीख वे पाते हैं
नयी जोश से वापस आते हैं, विजय पताका फहराते हैं
मत हो निराश मेरे बच्चों, जीवन पथ पर तुम्हें चलना है
तुम्हें दीपक जैसे जलना है, अंधेरे में ज्योति जलाना है
एक मंज़िल यदि नही मिली, दूसरी की खोज तुम्हें करना है
ज़रूरी नही सुगम पथ मिले, दुर्गम पथ पर पैर बढ़ाना है
हौसला रख मेरे बच्चों, होश तुम्हें नहीं खोना है
गांडीव उठाओ अर्जुन जैसा,मत्सय नेत्र का वेध करो
ध्रुव के जीवन से शिक्षा ले, ध्रुव तारा जैसे चमकना है