स्व० पूज्य पिताजी के नाम श्रृद्धा सुमन

आज शिक्षक दिवस है ! मन मे आया कि प्रथम मै अपने किस शिक्षक को हार्दिक शुभ कामनाये प्रस्तुत करूँ जिसने मेरे जीवन को एक नयी दिशा दी ! अचानक मन ने चेताया कि मेरे जीवन के प्रथम शिक्षक तो मेरे मन मन्दिर मे सदैव स्मृति रूप मे विराजमान मेरे आदरणीय स्व० पिताजी के समक्ष तो अन्य कोई शिक्षक मेरे लिये हो ही नही सकता है !

मेरे पूज्य पिताजी !

आप जहाँ भी जिस योनि मे भी जन्म लेकर रह रहे हो या मोक्ष प्राप्त कर भगवान की सेवा मे लगे हो, मै हाथ जोड़कर आपको भावभीनी श्रृद्धांजलि प्रस्तुत कर सादर नमन करता हूँ !

मेरे जीवन की पहली पाठशाला के गुरूजी आप ही थे ! आप मुझे इस संसार मे जन्म दिये, एक आदर्श ज़िन्दगी जीने के सही रास्ते दिखाये और तन मन से इतना प्यार दिया कि आपको आज लगभग २६ वर्ष इस दुनिया से विदा हुये हो गये है, परन्तु आपको आपका परिवार बिल्कुल ही भूल नही पा रहा है !

आपकी अच्छी सोच का एक वाक़या अचानक मुझे याद आ गया कि जब आप अपनी रीढ़ की हड्डी के आपरेशन के लिये मेडिकल कालेज जा रहे थे तो रास्ते मे आपने अपनी हृदय की एक गहन चिन्ता व्यक्त की थी कि खुदा न खास्ता अगर आपके जीवन को कुछ हो गया तो आपके विद्यालय मे पढ़ रही एक ग़रीब घर की लडकी की पढाई बीच मे ही छूट जायेगी ! कारण पूंछने पर आपने मुझे बताया था कि कुछ कुत्सित विचारो वाले आपके साथ पढ़ा रहे शिक्षक गण ही उसके लिये ग़लत सोच पाले थे ! आपकी यह सोच कितनी महान थी कि स्वयम् के न रहने पर अपने परिवार की चिन्ता से हटकर एक बाहरी लडकी की शिक्षा के लिये आप कितना परेशान थे! यह है एक आदर्श शिक्षक का धर्म ! अत: मेरे लिये आपकी तुलना मे और कोई आदर्श शिक्षक हो ही नही सकता है !

💐आपको कोटि कोटि नमन !

आपका आशीर्वाद आपके परिवार पर सदा बना रहे । 💐🙏🙏🙏

आपका पुत्र

उमानाथ

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