शिव मेरे ईष्टदेव

हे भोलेनाथ ! तुमको प्रणाम

तुम ही हो मेरे जीवन आधार

तेरी भक्ति बिन जीवन सूना

लगता है सब कुछ बेकार !

तुम ही हो मेरे ईष्टदेव

तुम को है शत शत प्रणाम

रखता हूँ केवल एक आस

दर्शन पाऊँ प्रभु एक बार ।

देवों मे हो तुम महादेव

काल के हो महाकाल !

हे दयानिधि, हे चन्द्र भाल,

तेरी महिमा है अपरम्पार ।

हे त्रिनेत्र ! हे शूलपाणि !

तेरा स्वभाव तो है उदार

रहते भक्तों पर सदा कृपालु

कृपादृष्टि कर दो एक बार !

भक्तों की झोली भरते हो

हर विपदा को हरते हो

तुम ही हो मेरे कर्णधार

भवसागर से करो नैया पार।

जब तक है इस तन में प्राण

मेरे मन मन्दिर में करो वास

तेरे प्रेम प्यासे नयन मेरे

दर्शन को करे अपलक निहार ।

तुम तो मेरे मन में वसते हो

हर क्षण हर पल रमते हो

अविरल भक्ति की है पुकार

“एवमस्तु” बोलो हे निरंकार ।

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