हर राह पर हर मोड़ पर
जीवन के हर छोर पर
प्रिय मैंने खड़ा पाया तुम्हें
तुम ही मुझे नज़र आये ।
फूलों सी मुस्कान लिये
हृदय में रच बस गये आप
पुलकित पुष्पों के पथ पर
तुम ही मुझे नजर आये ।
पाया तुम सा हम सफ़र
हो गयी सरल जीवन डगर
उड़ रही हूँ मानो पंख धर
तुम ही मुझे नज़र आये ।
दिल की धड़कन तुमसे जुड़ी
अधिकार तेरा हर साँस पर
रक्तिम अधरों के प्रवाल पर
तुम ही तो मुझे नज़र आये ।
मत छोड़ना कभी साथ मेरा
इन कँटीली पथ की राह पर
जोहूँगी मैं तेरी ही बाट को
प्रियतम मेरा नज़र आये ।