रिटायर पति ✍️
ऐ जी सुनो !! अब तुम रिटायर हो गये हो,
जरा किचन में आकर हाथ बँटाओ!
पति बेचारा क्या करता,
पत्नी की घुड़की सुनता जाता।
आकर किचन में खड़ा हो गया,
ठूंठ सा, आखिर करे तो क्या!
पत्नी बोली
“आज अपनी चाय स्वयं बनाओ,
देखूँ कितने बड़े खानसामा तुम दिखते हो?”
पति बेचारा क्या करता,
गैस जलाया, चाय बनाने लग गया।
कहाँ है चाय की पत्ती?
कहाँ रखी है चीनी?
अदरक कहाँ कूटनी है?
दूध कहाँ गया?
फ्रिज में ढूँढा, अलमारी में ढूँढा,
सामान उल्टा कर दिया, पूरे किचन में हंगामा हुआ।
दूध का भगोना मिला नहीं,
सोचा, बिना दूध की चाय बनेगी।
दो चम्मच पत्ती डालकर बना ली,
मुँह में लगाया, नीम जैसी लगी।
पत्नी हँसती “क्या तुमने चाय बनाई या जहर?”
पत्नी बोली
“बनते हो बड़े सयाने,
पर दूध ढूँढ नहीं पाते!
तुम तो अपने को भी नहीं ढूँढ पाते!
जाओ, बाहर टीवी देखो,
किचन फैला दोगे पूरा।”
पर पति बेचारा हिम्मत न हारता,
एक प्लेट में बिस्कुट लेकर आया।
“देखो, चाय ना सही, बिस्कुट तो हैं!”
पत्नी मुस्काई “अरे वाह, साहसिक प्रयास!”
सुनो दोस्तों, ऐसा मत करना,
किचन में थोड़ा समय देना।
समान कहाँ रखा, इसका ध्यान रखना,
सबसे बड़ा गुरु मंत्र यही है
किचन में पत्नी का हाथ बँटाओ,
रिटायरमेंट लाइफ़ सुखद बिताओ।