रामनवमी

रामनवमी मेरे प्रभु की आये,

हम कैसे गुणगान न गायें,

शुभ अवसर है राम जन्म का,

मिल जुलकर हम प्रभु गुण गायें ।

अन्तर्मन में छिपे तम को मारे,

ईर्ष्या, द्वेष, सब दूर भगाये,

प्रेम की गंगा सदा बहाये,

आओ हम सब प्रभु गुण गायें ।

राम तत्व है सबके भीतर,

आओ मिलकर हम उसे जगायें,

शबरी जैसा प्रेम दिखाये,

जूठे बेर भी मेरे प्रभु को भायें ।

पतित पावन है नाम प्रभु का,

चरण धूलि अहिल्या सी पायें,

जीवन अपना सफल बनाये,

मिल-जुलकर हरि का गुण गायें ।

राम नाम की महिमा है न्यारी,

नाम से पत्थर सिंधु तैर जाये,

चरण रज को पुष्प चढ़ाये,

प्रभु वंदन हम मिलकर गायें ।

राम नाम मेरे शिव को भाये,

रामेश्वर का दर्शन पाये,

हरि हर का गुणगान करें हम,

आओ मिलकर प्रभु गुण गायें ।

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