आओ श्याम न करो देर
श्री राधे बाट निहार रही,
महा रास की बेला आ पहुँची
सखियों संग बाट निहार रही ।
चंदा सी शीतल चाँदनी में
सखियों संग राधे विराज रही,
फूलों से बगिया महक रही
यमुना भी लहरें मार रही ।
कोई कुंज निकुंज संवार रही
कोई राधा जी को निहार रही,
कोई हाथ में मेंहदी लगा रही
कोई नयनों में कजरा डाल रही ।
श्री राधा सब सिंगार किये
सखियों संग मधुबन में आयी,
अब चलो श्याम न करो देर
श्री राधे बाट निहार रही ।