प्रकृति का सानिध्य
मुझे बहुत ही भाता है..
ऊँचे ऊँचे पर्वतों से आच्छादित
विस्तृत हरित वन
गर्भ में झीलों का
मनोहारी परिदृश्य
नीरव निर्जन, शुद्ध वातावरण
शांति और स्थिरता शीतलता
सुन्दर पर्यटन स्थल
श्रृषि मुनियों की
पावन मनभावन तपस्थली
प्रकृति का मानव को
एक अद्भुत वरदान ।
प्रकृति का सानिध्य
मुझे बहुत ही भाता है ।
पक्षियों की चहचहाहट
उनका फुदकना, क्रीड़ा करना
गगन मे उन्मुक्त उड़ान
बहुरंगी रूप और विलक्षण बोल
मधुर गीत, स्वच्छंद जीवन
घोंसले की अदाकारी
एक अद्भुत अभियांत्रिकी
प्यारा सा छोटा सा परिवार ।
प्रकृति का सानिध्य
मुझे बहुत ही भाता है ।
फूलो का अनुपम संसार
ईश्वर की असीम सुन्दर कृति,
इन्द्रधनुष सी सतरंगी फूलो की
निष्पलक लोचन छटा,
मृदुल सुगंधित पुष्पकलियों पर
रंगीली परों वाली
तितलियों का मंडराना,
भौंरों का गुंजान,
मधुमक्खियों का पराग,
देती कवियों की प्रेरणा
भावनात्मक अनुभूति ।
प्रकृति का सानिध्य
मुझे बहुत ही भाता है ।
व्यापक विस्तृत खारा समुद्र
शांत, अथाह गहराई
ऊंची ऊँची थिरकती लहरें
लहरो का कम्पन, कम्पनों का दर्पण
असंख्य जल जीवों का शरणास्थल
रत्न मणियों का भंडार
चक्रपाणि धारी का क्षीर सागर,
कवि की कल्पनाओं में गोता लगाता
सप्तद्वीपीय सप्त सागर ।
प्रकृति का सानिध्य
मुझे बहुत ही भाता है ।
अचल हिमगिरि के हृदय से
निर्गत झरनों का
विद्युत गति से निर्झर प्रवाह,
चट्टानों को देता
वीरोचित, हुंकारित टकराव,
न लेता पथ मे ठहराव
अपराजेय प्रवृत्ति
मीठा, शीतल, निर्मल अमृत तुल्य
औषधीय जल,
प्रेरणादायी मनोहर झरना ।
प्रकृति का सानिध्य
मुझे बहुत ही भाता है ।