यादों का कारवाँ

चलते चलते यूं ही कहां आ गए हमज़िन्दगी के ढलान पर खड़े हो गये हम,जीवन की आपाधापी में समय फिसल गया है कहाँ से चले और कहाँ आ गये हम । मृगतृष्णा के पीछे भागता ही रहा हूँ उलझता रहा सतत संघर्षों में जीवन,इच्छायें बहुत हैं पूर्ण कर पाया न कोई आत्मिक संतुष्टि कहां खो … Read more

ओस की बूँद

हरी हरी घासों पर सुबह फैली ओस की बूँदे,क्षण भर के लिये ही सहीनैसर्गिक सौंदर्य बिखेर रही।बिखरी मोती के दाने जैसे ओस की बूँदे लुभा रही, कर रही शांति प्रदान मन को प्रफुल्लित कर रही ।जीवन अस्तित्व क्षण भर का सूर्य की ताप रश्मियों तक,विलुप्त हो जायेगी वे पर परवाह न कर रही ।सूर्य एक … Read more

भाई बहन के रिश्ते

भाई बहन के रिश्ते होते हैं खून के रिश्ते गंगाजल जैसे पवित्र रिश्ते जग में हैं ये न्यारे रिश्ते ।खेले कूदे संग ये रिश्ते पढ़े लिखे संग ये रिश्ते खट्टे मीठे जिये ये रिश्ते बहुत ही प्यारे ये रिश्ते ।कच्चे धागे में बंधे ये रिश्ते संकल्पों की डोरी में गुँथे ये रिश्ते सुख दुख संग … Read more

कोरा काग़ज़

हे प्रभु ! मैं हूँ एक कोरा काग़ज़ शून्य, भ्रमित, आवारा पन, तू मेरा संबल बन जा कर दूँ तुझ पर पूर्ण समर्पण ।तम में प्रकाश है तूनिराशा में आशा है तू,अविश्वास में विश्वास है तूतन मन मेरा पूर्ण निरूपण ।मिल जाये मज़बूत हौंसला एक संकल्प चट्टानों जैसा, डिगे न पग अपने लक्ष्यों सेबढ़ते चले … Read more

बीता समय

जो बीत गया सो बीत गयाक्षण वह वापस कहाँ आता है, स्मृतियाँ ही तो ऐसी है जो मन में सदा जीवित रहती है । खट्टी मीठी जैसी भी होंस्मृतियाँ तो मानव जहन में रहती है,नहीं जाती हैं लाख भुलाये अपना अहसास कराती हैं ।बीता जीवन अनुभवों का एक भरा पिटारा होता है,सीख देता है ज़िन्दगी … Read more

बेटी

बेटी तो है साक्षात लक्ष्मी बड़े भाग्य से घर आती है जिस घर में पैदा हो जाती घर को पावन कर देती है । पढ़ने लिखने में होती कुशाग्र कहीं कमतर नही यह होती हैमिले इसे पर्याप्त अवसर तो चाँद पर पांव यह रखती है ।हर क्षेत्रों में छायी है बेटियाँ सब जगह दबदबा है … Read more

प्रेम नापने की वस्तु कहाँ

प्रेम नापने की वस्तु नहीं, होता इक सुखद अहसास हैं शंका का बीज न बोओ कभी, प्रेम चाहता विश्वास है होती ग़लतियाँ है सभी से, कोई भी दूध का धुला नही सही ग़लत उसे समझाओ, सुधरने की मिले आस है ॥ पत्नी हो जाये यदि रूठी, उसकी पसंद का ध्यान करेंप्रिय वस्तु यदि भेंट में … Read more

ईश्वर मानव संवाद

हे प्रभु ! मेरे पाप हरो, मेरे विघ्न हरो मेरे जीवन का कल्याण करें, तुम पाप हर्ता , विघ्न हर्ता कहलाते हो अपने वचनों को याद करें । हे मानव ! तू पाप करे, दुष्कर्म करे ,पर अपेक्षा करे मैं तेरे पाप हरूँ, यह न्याय कैसा जरा तू ही बता क्यों तेरा उद्धार करें ? … Read more

सूनी कोठी

सूनी कोठी करे पुकार आओ बच्चों मिलने इक बार.महल खड़ा हुआ आलीशान ऊँची चोटी भव्य महानरहते केवल दो ही जान पड़ोसियों से भी न पहचानदो वृद्ध अकेले घर में रहते आशा में जीवन हैं जीते बच्चे इक दिन आयेगे कोठी को जगमगायेंगे सूनी कोठी करे पुकार आओ बच्चों मिलने एक बार । संवेदनायें हो गयी … Read more

जीवन चक्र

कुम्हार मिट्टी गूँथता है सुन्दर सुन्दर खिलौने बनाता है वह खिलौना एक दिन टूट जाता हैऔर मिट्टी में मिल जाता है कुम्हार वही मिट्टी पुनः गूँथता है और फिर नये खिलौने बनाता है यही तो जीवन चक्र है .शिशु जन्म लेता है कुछ वर्षों में वह किशोर बनता है, वृद्ध होता है और उसका एक … Read more