बैठ जरा पास

बैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ बोले न बोले बस तुझे निहारता रहूँ..करूं मैं इज़हार चुपचाप तू सुनती रहे खूब खिलखिलाती रहे चहकती रहे रूप तेरा न्यारा नयनों को मेरे प्यारा लगेदिल तेरे प्यार में बेक़रार कहीं चैन न मिलेबैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ बोले न बोले बस तुझे निहारता … Read more

माटी के बोल

माटी तो बोलती अपने लाल को पुकारतीजो छोड़ गये माटी कोराह एक टक निहारती .जिस माटी में जन्म लिये पावन माटी कहलाती अहो भाग्य देह एक दिन उसी माटी में मिल जाती माटी मेरी जननी माटी सृजन करती माटी तो बोलती अपने लाल को पुकारती ।माटी से ही मेरी हस्ती माटी से ही मेरी शक्ति … Read more

मेरे शिव जी

मेरे शिव जी मेरे हृदय विराजे क्यों दर दर भटकूँ मैं गलियों में ..मेरे मन मन्दिर में एक शिवाला हर क्षण दर्शन पाऊँ मैं शिव जी मेरे हृदय विराजे क्यों भटकूँ मैं गलियों में मन कर्म और वाणी सेशुद्ध अंतःकरण है मेरामेरे रोम रोम में शिव विराजे क्यों दर दर भटकूँ मैं गलियों में बारहों … Read more

मौन की शक्ति

मौन आत्म चिंतन है मौन आत्म ज्ञान है वाणी में यदि मौन हैमौन वह सशक्त है । मौन व्यक्तित्व है मौन स्वयं में समर्थ हैमौन के भार से तो शब्द भी स्तब्ध है ।मौन में विश्राम हैविश्राम ही एकांत हैएकांत में ही ध्यान हैध्यान में भी मौन है ।मौन में विरक्ति है बुद्धत्व की शक्ति … Read more

दर्पण

ऐ दर्पण तू ऐसा दिखलाये जो तुझ जैसा दिख जाये झांकती रहूँ उसके भीतर मैं नयन मेरे क्यों न थक जाये । एक ललक ऐसे दर्पण की जो मेरे हृदय को छू जाये दे दे दिल के द्वार पर दस्तक मन के दर्पण में वो छा जाये । कैसा होता मन का दर्पण पता नहीं … Read more

हनुमान भजन

दुनिया चले न श्रीराम के बिना राम जी चले न हनुमान के बिना ।सीता मिले न श्रीराम के बिना पता न चले हनुमान के बिनारावण मरे न श्रीराम के बिना लंका ज़ले न हनुमान के बिना ।लक्ष्मण बचे न श्रीराम के बिना बूटी न मिले हनुमान के बिनाख़ुशियाँ मिले न श्रीराम के बिना संकट न … Read more

रिश्तों की गाँठें

गाँठ तो गाँठ है बहुत चुभती है ये गांठे.चाहे रिश्तों के कच्चे धागों की हों गाँठें, या शरीर में किसी हिस्से की हों गाँठें, गाँठ है तो चुभती हैं वे गाँठेंबुरी तरह सताती है वे गाँठे, आसानी से कहाँ खुलती हैं बंधी गाँठेंधागे टूट जाते हैं पर मज़बूती से जकड़ी रहती हैं गाँठेंहाँ जिस धागे … Read more

मुस्कान एक सौन्दर्य

आपकी एक मुस्कराहट ने मेरे होश उड़ा दिये, होश में आ ही रहा था कि आप फिर मुस्करा दिये ।तेरा हँसता हुआ चेहरा चेहरे पर नूर दिखता है, मुरझाया न करो कभी ख़ुशबू बिखेरती रहना । हंसता हुआ पल बहुत ही हसीन होता है, मिल जाती हैं सारी ख़ुशियाँ जीवन स्वर्ग लगता है । ज़िन्दगी … Read more

मृत्यु एक अन्तिम कड़ी

दूर कर भ्रम यह मन से मृत्यु सत्य की अंतिम कड़ी हैजन्म और मोक्ष की यह महा अनुपम घड़ी है ।मृत्यु-जीवन सतत प्रक्रिया सृष्टि की सुन्दर लड़ी हैक्या है डरना मौत से मौत तो पग पग खड़ी है । यह तो पुतला मिट्टी का हैपंच तत्वों में सनी हैविलीन हो जायेगी एक दिन शोक की … Read more

आया सावन मनभावन

बरसे सावन बादल गरजे काले मेघ हैं नभ में छाये झूम झूम के पानी बरसे आया सावन मनभावन । हरियाली प्रकृति में छायीनयनों को अभिराम दे रहीमदहोश कर रही है बारिश मयूर नृत्य कर रहे वन वन ।सर सरिता फूली न समातीभरी नीर से कंठ गले तक उफान मार रही रह रह कर तोड़ चली … Read more