जीवन गणित

जीवन “गणित” हैसांसें “घटती” हैअनुभव “जुड़ते” हैअलग अलग “कोष्ठकों” मेंबंद हमबुनते रहते हैं “ समीकरण” लगाते रहते हैं “गुणा”- “भाग”जबकिअंतिम सत्य “शून्य है”

कृतज्ञता

कृतज्ञ हूँ उन सभी छोटी सी छोटी चीजों काजो मेरे जीवन में विशेष ख़ुशियाँ लाती हैं कृतज्ञ हूँ उन सभी साधारण से साधारण आयोजनों का जिसने मेरी ज़िन्दगी में बदलाव ला दिया कृतज्ञ हूँ उन सभी छोटे बड़े लोगों काजिन्होंने मेरे जीवन को असाधारण नयी दिशा दी ..

राम का दास भजन

रे मन ! हो जा तू राम का दास हर क्षण हर पल कर अरदास जो करता प्रभु का भजन है वही सुशील और पुण्य वानवहीं साधक वही है ज्ञानी वहीं तीनों लोकों में है महान । रे मन ..सबके स्वामी, सब में रमते जाने सबके मन की बात जिनकी सेवा महादेव है करते जपते … Read more

आज का मेल मिलाप

कहाँ गया वो मिलना जुलना कहाँ गयी सब जान पहचान सुख दुख में भी खड़े न होते कितना बदल गया रे इंसान । कहाँ गया पैतृक घर अपनाकहाँ गये मेरे बूढ़े दादा दादी संयुक्त परिवार बिखर गये घर दिखता है जैसे श्मशान । बाबा को सारा गाँव जानता पिता को सब मोहल्ले वाले पुत्र को … Read more

अधूरी कविता

मेरी वह अधूरी कविता कहाँ तू गयी लिखना चाहता हूँ अगली पंक्ति पिछली छुप गयी । आधी अधूरी पड़ी हुई थी नाराज़ हो गयी मान रहा हूँ अपनी गलती बड़ी भूल हो गयी । शब्द नही थे मेरे पास तू अपूर्ण रह गयी मत कोसना मुझको तू लेखनी मेरी है नयी । जोड़ घटाकर पूरा … Read more

सदा तुम नज़र आये

हर राह पर हर मोड़ पर जीवन के हर छोर पर प्रिय मैंने खड़ा पाया तुम्हें तुम ही मुझे नज़र आये । फूलों सी मुस्कान लिये हृदय में रच बस गये आपपुलकित पुष्पों के पथ पर तुम ही मुझे नजर आये ।पाया तुम सा हम सफ़रहो गयी सरल जीवन डगर उड़ रही हूँ मानो पंख … Read more

रिटायर हो गये हो

रिटायर पति ✍️ऐ जी सुनो !! अब तुम रिटायर हो गये हो,जरा किचन में आकर हाथ बँटाओ!पति बेचारा क्या करता,पत्नी की घुड़की सुनता जाता।आकर किचन में खड़ा हो गया,ठूंठ सा, आखिर करे तो क्या! पत्नी बोली “आज अपनी चाय स्वयं बनाओ,देखूँ कितने बड़े खानसामा तुम दिखते हो?”पति बेचारा क्या करता,गैस जलाया, चाय बनाने लग गया।कहाँ … Read more

मीराबाई

प्रेम का प्याला पी ले प्राणी, हरि रस अमृत धार।मीरा जैसी प्रीत जगा ले, साँवरिया हो आधार॥प्रेम का प्याला पीकर मीरा, अमृत रस का पान किया,डगर-डगर साँवरिया ढूँढे, साधु-संत संग डेरा डाल लिया।राजमहल का वैभव छोड़ा, वैरागी का भेष धरा,मंदिर-मंदिर तप करती मीरा, गिरधर को पति माना॥ग़मों का प्याला पीती रही, कृष्ण-प्रेम को गटक लिया,राणा … Read more

प्रेम का प्याला

प्रेम का प्याला पी लिया जिसने मानो अमृत रस का पान कियानहीं रहती सुध बुध तन की प्रेमी से जब नाता जोड़ लिया पीती रही ग़मों का प्याला प्रेम का प्याला मीरा गटक गयी कृष्ण प्रेम का रंग चढ़ा जब राणा प्रेषित विष पान किया ..मन्दिर मन्दिर मीरा घूमे नृत्य करे साधु संग वह पति … Read more

राम वंदना

सिद्ध साधक और साध्य मंत्र जापक और जाप्य सृष्टि और स्रृष्टा भी आप हे राम तुम्हें करता प्रणाम । सगुण निर्गुण दोनों ही आप दृश्य रूप पूर्ण संसार आप संसार के द्रष्टा भी आप हे राम तुम्हें करता प्रणाम । वाच्य और वाचक भी आपसर्वव्यापी राग रहित आप ब्रह्म और अखिल ब्रह्मांड आप हे राम … Read more