आधुनिक ज्ञानी हास्य
व्हाट्सएप पढ़कर ज्ञानी बने,गूगल से ही ग्रंथ रचे,ना वेद पढ़े, ना शास्त्र पढ़े हर विषय पर भाषण ठचे।अधूरी बातों का शोर मचाया,सत्य को अफ़वाह में मिलाया,शीर्षक देखा, अर्थ न जाना,फिर भी खुद को ज्ञानी कहलाया ।जो समझाए, उसे मूर्ख ठहराएँ,खुद की भूल कभी न मानें,प्रश्न उठे तो क्रोध दिखाएँ,तर्क नहीं, बस शब्द चलाएँ।दाढ़ी, कुर्ता, मुख … Read more