दिल की बात दिल से

आओ बैठे दिल से दिल की बात करते हैं भूल जायेगे हम जहां जब दो दिल आ मिलते हैं । कुछ बात तो ऐसी करें दिल को मेरे भा जाये ये दिल ही तो है क्यों न दिल से दिल मिल जाये ।सबसे दिल की बातें तो हम नहीं करते जिससे ये दिल मिलता है … Read more

नमस्कार के प्रकार

मित्रों सुबह होने वाली है मन में मेरे विचार आया ,,,जरा देखे कितने प्रकार के शब्दों से हम आपको नमस्कार कर सकते हैं ! तो शुरू होते है, कुछ नाम हम लेते है, कुछ नाम बदले में आप भी ले ले और हम एक सूची क्यों न तैयार कर लें ।प्रेम से बोलो -जय श्री … Read more

मेरा देश

राम कृष्ण अवतरित हुए जहां वो देश हमारा भारत है ।तपस्वियों के तप से तपी हुई वो देश हमारा भारत है ॥प्राणों से प्यारी मेरी मातृभूमि हे माँ नमन आपको करते हैं अहो भाग्य हम यहाँ पैदा हुएवो देश हमारा भारत है॥नानक कबीर बुद्ध महावीर का है ये वतनसूर तुलसी रसखान जायसी का है ये … Read more

आओ जश्न मनाये आज़ादी

हे ! मातृभूमि तुझे प्रणाम.२वंदे मातरम्वंदे मातरम्आओ जश्न मनाएँ गणतंत्र दिवस आओ जश्न मनाएँ आज़ादी,पर पल भर ठहर कर सोचें हम,कैसे पायी यह आज़ादी हाँ कैसे पायी ये आज़ादी ??राष्ट होता सर्वोपरि, एक जूनून था, एक आंदोलन था, जय हिंद जयहिंद का नारा था, आओ पहले नमन करें हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को, आओ पहले … Read more

कैसे न लिखूँ

लोग कहते हैं छंद विधान में आप नहीं बँधते हैं आपकी कविता अधूरी है, मैं कहता हूँ कि क्यों पड़ूँ पचड़े में जो लिखता हूँ कसौटी पर खरा होना ज़रूरी है । शौक़ नहीं है मेरी मैं प्रतिष्ठित कवि बन जाऊँ पर मन की पीड़ा को रचना में मैं उतारता हूँ।लिख देता मन की वेदना … Read more

बिक रहा सब कुछ पैसों के वास्ते

कैसा ये संस्कार है कहाँ जा रहे हैं हम हर रिश्ते बिकने लगे हैं पैसों के वास्ते ।बिक रहा ईमान है बिक रहे हैं रिश्ते बिक रही अब कोख है पैसों के वास्ते मासूम को मालूम नहीं कौन उसकी माँ ?रोता बिलखता वो रहा ममता के वास्ते ।बिक रहा सिंदूर है न रहा विश्वास सात … Read more

जय हो हिंदुस्तान की व्यंग्य

महाराष्ट्र में रहना हो तो मराठी बोलो,बंगाल में रहना हो तो बंगाली बोलो,गुजरात में रहना हो तो गुजराती बोलो,कर्नाटक में रहना हो तो कन्नड़ बोलो।हर राज्य अपनी भाषा बोले,पर जाति–धर्म–भाषा के नाम परक्यों देश को तोड़े?जय हो हिंदुस्तान की।कितनी भाषा, कितनी बोली,न सीखो तो मिलती गोली।मन में संकुचित सोच पाले,नेताओं की जिह्वा पर न पड़ें … Read more

यादें हैं यादों का क्या भाग नौ

चलो लौट चलें, बचपन की गलियों में,जहाँ हँसी बस हँसी थी।जहाँ मन कभी नहीं थकता,और समय भी रुकता था॥गली में दौड़ते थे हम दोस्त,हँसी और शोर का था मेल।छुपा-छुपी, किले बनाना,मन की यही थी सबसे खेल॥सुनहरी धूप में हाथ पकड़े,साइकिल पर दौड़ते हम।सड़क किनारे जंगली फूल,उनकी खुशबू अब भी याद है मुझको॥खट्टे-मीठे आम, जलेबी की … Read more

चौखट की प्रतीक्षा

अम्मा की चौखट ✍️मैं बदल गया हूँ,या तुम बदल गए हो?या समय की धारा में हम सब बह गये हैं चौखट वही हैदरवाज़ा वही हैभाई वही है,आशियाना वही है।पर आवाज़ वो कहाँ गयी ? जो दूर से ही सुनाई पड़ती थी ।हाँ चौखट पर वो माँ नहीं है जो निहारती थीसड़क की ओर । सूनी … Read more

मिथ्या अहम् लेख

मित्रों!! बहुत दिनों से कोई लेख नहीं लिखा था आज लिखने बैठ गया तो एक नया विषय मन में उभर आया – अहम् की भावना, तो बढ़ते हैं इसी विषय पर । पता नहीं कोई अहम् की भाषा बोलता है मैं ये कर डालूँगा, मैं वो कर डालूँगा, मुझसे पंगा नहीं लेना, तुम्हें बहुत मंहगा … Read more