मेरा सफ़र मेरी दास्ताँ

मेरा सफ़र मेरी दास्ताँसमर्पण“मातृदेवो भव, पितृदेवो भव।”“पितृपादोदकं तीर्थं, मातृवाक्यं हि मन्त्रवत्।”इस जीवन-यात्रा का समस्त गौरव मैं अपने पूज्य पिताश्रीश्री राम नरेश त्रिपाठी जी तथा स्वर्गीय माताश्री रुक्मणी देवी जी के पावन चरणों में समर्पित करता हूँ।आपका पुत्र होना मेरे लिए परम गर्व और सौभाग्य है।प्रभु से मेरी यही प्रार्थना है कि जन्म-जन्मांतर में मैं आपका … Read more

चलता फिरता राही

मैं तो एक चलता फिरता राही हूँ,कभी इधर चला, कभी उधर चला,जीवन की राहों पर चलते हुए,नई दिशाओं की ओर बढ़ता चला।जीवन की इस यात्रा में,कभी सुख है, कभी गम है,पर मैं तो चलता रहता हूँ,गम के धुएँ हवा में उड़ाता चला ।सपनों की उड़ान में खो जाता हूँ,नई उम्मीदों के साथ बढ़ता चलाचलता रहता … Read more

रिश्तों की कहानी गीत

जीवित रहते ही, रिश्तों की कहानी हो गई,जीवित रहते ही, मिलते थे जो गले, आज वीरानी हो गई।समय का ये कसूर है या प्रेम में हल्कापन,हर दिन की यादें बिखरी हैं, दिल में संजोकर रखता हूँखिड़की के किनारे बैठी, बचपन की हँसी याद आती है,छत पर खेलते वो दिन, अब बस यादों में समाती है।बरसात … Read more

तुम मिले

तुम मिले हमें लगा तुम ही मेरा प्यार हो !! संग संग चले, गले हम मिले,दिल ने कहाहाँ, तुम ही मेरा प्यार हो।दिल ये मेरा धड़कने लगा सोचकर तुम ही,, हाँ मेरा प्यार हो, अब क्या हुआ क्यों चले छोड़कर बीच डगरकहते हो प्रिय तुम नहीं हो मेरे जीवन सफर, पर इस दिल का क्या … Read more

शब्द ब्रह्म निनाद

शब्दों में ब्रह्म निनाद, जीवन में प्रकाश जगाए रे,शब्दों में ब्रह्म निनाद, आध्यात्मिक द्वार खोले रे।शब्द केवल ध्वनि नहीं, ये आत्मा का प्रकाश है,हर शब्द में छिपा ज्ञान, जीवन का ये साध्य हैशब्द हैं विचार के बीज, मन में उगते बोधिवृक्ष रे शब्द हैं प्रेम और करुणा, तम का विनाश करे रे । मंत्र भी … Read more

दीपक भजन

दीपक जला रे, जला रे जला रे ज्ञान की ज्योति जला रे जला रे ।कोई अछूता नहीं है इस जग में सभी संसार के भ्रमजाल में फँसे हैं, आकंठ तक डूबे स्वार्थ में हैंदीपक जला रे, तमस दूर करे रे ।भटकता मानव कस्तूरी मृग की तरह है ध्यान और भक्ति से मिले प्रभु का परचम, … Read more

सत्कर्म करो भजन

सत्कर्म करो, सत्कर्म करो, मन में शांति पाओ रे ।फल मिले या न मिले, प्रभु का नाम बस गाओ रे ॥कर्म जो पावन करते हो, संतोष स्वयं ही आए इच्छित फल चाहे न मिले, प्रभु चरणों में सुख पाए सत्कर्म करो, सत्कर्म करो, मन में शांति पाओ रे । गलत राह के पथिक कभी, सच्चा … Read more

धरती की पुकार

विनाश के पथ पर चलते हम, दोष देते दैव कोअभी तो झाँकी भर देखी, काट रहे हरित वन को ।धरती का दोहन करते हम, पर्वत नदियाँ छोड़ कहाँलोभ अंधेरा बढ़ता जाए, बुझते जीवन के दीये यहाँविनाश के पथ पर चलते हम, दोष देते दैव को ।।सागर का क्रोध उमड़ता अब, तटों को तोड़ बहाता हैपिघल … Read more

साँझ की सरगम

साँझ की सरगम ✍️साँझ उतर आई है रंगों की चुनरी ओढ़े,पवन की सरगम में सपनों के गीत जोड़े ।मन की वीणा झंकार करे,प्रेम का दीप उजियारा छोड़े।चाँद की चुप्पी में बातें करें,तारों के संग मन रास करें।फूलों की महक में छुपा संदेश,हर धड़कन कहेप्रेम विशेष।साँझ उतर आई है रंगों की चुनरी ओढ़े,पवन की सरगम में … Read more

मेरे सपने गीत

मेरे सपनेअपना एक छोटा सा परिवार होगा,एक नया संसार होगा।खेलेंगी खुशियाँ घर आँगन में,आपस में खूब प्यार होगा।ये ही तो मेरे सपने थे,पति-पत्नी बैठे बुनते रहते थे।आज समय वो आया है,ख़ुशियों को पा मन हर्षाया है।देख रहा हूँ बच्चों को,याद कर रहा अपने उन सपनों को।सपने सब पूरे दिखते हैंअपना एक छोटा सा परिवार होगा,एक … Read more