मेरी प्यारी अम्मा

तेरी याद बहुत आती है

जब जब यादें आती है

तू मुझे बहुत रुलाती है

मन उदास हो जाता है

कुछ भी समझ नहीं आता है

तेरी सब बातें यादे आती है

तेरा भोला चेहरा सामने आ जाता है

जब जब मैं घर जाता था

तू मेरे पास बैठी रहती थी

घर भर का हाल पूंछती थी

गाँव भर का हाल सुनाती थी

नाते रिश्तेदारों की बात बताती थी

मीठी मीठी बातें करती थी

मैं भी बैठा रहता था

तेरी हर बातें सुनता रहता था

सब मन में गुनता रहता था

बहुत ही अच्छा लगता था

तेरी याद बहुत आती है ।

मेरे पास जब रहती थी

चंहु ओर ख़ुशियाँ रहती थी

किचन के कोने मे

ठीहा तेरा रहता था

बहु से बातें करती रहती थी

सबका हाल सुनाती थी

सबका हाल तू सुनती थी

बच्चों की तू प्यारी दादी थी

तुझे याद सब करते हैं

तेरी फ़ोटो देखते रहते है

आँसू पी के रहते हैं

ड्यूटी से जब मै घर आता था

तू दौड़कर सामने आती थी

दिन भर का हाल पूंछती थी

मेरा पूरा ध्यान तू रखती थी

तू तो मेरी जननी थी

तेरी याद बहुत आती है ।

तू कहाँ गयी तू कहाँ चली

सब कुछ सपनों जैसा लगता है

अब तो तेरी केवल यादें हैं

यादो में ही रहना है

कोई भी तो नहीं बचा

इस मृत्यु लोक की दुनिया मे,

अगर मिले तुझे प्यारे पापा मेरे

तो चरण स्पर्श मेरा कहना,

तू मत करना अब मेरी यादे

तूझे नव जीवन पथ पर जो बढ़ना है

नव सृजन जो करना है

तू तो मेरी प्यारी अम्मा है

तेरी याद बहुत आती है ।

तेरा प्यारा बेटा

उमानाथ

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