मेरे सपने गीत

मेरे सपने

अपना एक छोटा सा परिवार होगा,

एक नया संसार होगा।

खेलेंगी खुशियाँ घर आँगन में,

आपस में खूब प्यार होगा।

ये ही तो मेरे सपने थे,

पति-पत्नी बैठे बुनते रहते थे।

आज समय वो आया है,

ख़ुशियों को पा मन हर्षाया है।

देख रहा हूँ बच्चों को,

याद कर रहा अपने उन सपनों को।

सपने सब पूरे दिखते हैं

अपना एक छोटा सा परिवार होगा,

एक नया संसार होगा।

बैठा मंद मंद मुस्काता हूँ,

अपने भाग्य पर इतराता हूँ।

मन मेरा हर्षाता है,

प्रभु के श्री चरणों में शीश नवाता हूँ।

कुछ तो मैंने सत्कर्म किये होंगे,

ये पुण्यफल जो पाया है।

सब सुखी रहे, आनंदित हो,

आशीर्वाद बड़ों का पाया है।

हर्षित हूँ देख कर ये खुशियाँ,

अपना एक छोटा सा परिवार होगा,

एक नया संसार होगा।

ये ही तो मेरे जीवन की

कुल अर्जित पूंजी है।

ये ही तो मेरे पूर्वजों के

आशीर्वाद का सुंदर फल है।

दाम्पत्य सुख का सार यही,

ये ही प्रेम संसार है।

अपना एक छोटा सा परिवार होगा,

एक नया संसार होगा,

खेलेंगी खुशियाँ घर आँगन में,

आपस में खूब प्यार होगा।

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