हाइकू

तू मित्र मेरा

मेरा हृदय मीत

तू कहाँ चला ।

तू छोड़ चला

इस दुनिया को ही

न पता चला ।

तप्त हृदय

अश्रुपूर्ण नयन

किससे कहूँ ।

नश्वर जग

कोई न कालजयी

जीवन सत्य ।

मृत्यु अटल

पल का भी न पता

अन्तिम सत्य ।

स्वरचित -

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