मेरी ताक़त मेरा संबलमेरा मानमेरा अभिमान दो शरीर एक रूप एक खुशनुमा अहसासअटूट प्रेम का धड़कनों का ख़ुशियों काहोंठों की मुस्कान का विश्वास का ख़्वाहिशों का और मेरे सपनों का !!पापा
आज शिक्षक दिवस है ! मन मे आया कि प्रथम मै अपने किस शिक्षक को हार्दिक शुभ कामनाये प्रस्तुत करूँ जिसने मेरे जीवन को एक नयी दिशा दी ! अचानक मन ने चेताया कि मेरे जीवन के प्रथम शिक्षक तो मेरे मन मन्दिर मे सदैव स्मृति रूप मे विराजमान मेरे आदरणीय स्व० पिताजी के समक्ष … Read more
प्रकृति का सानिध्य मुझे बहुत ही भाता है..ऊँचे ऊँचे पर्वतों से आच्छादित विस्तृत हरित वन गर्भ में झीलों का मनोहारी परिदृश्यनीरव निर्जन, शुद्ध वातावरण शांति और स्थिरता शीतलतासुन्दर पर्यटन स्थल श्रृषि मुनियों की पावन मनभावन तपस्थली प्रकृति का मानव को एक अद्भुत वरदान । प्रकृति का सानिध्य मुझे बहुत ही भाता है ।पक्षियों की चहचहाहट … Read more
मेरी प्यारी बेटी आशू,आज तुम्हारे इस जन्मदिन के शुभ अवसर पर मैं तो आज वहाँ तुम्हारे पास नहीं हूँ परन्तु मेरे मन मस्तिष्क में आया कि क्योंन मैं अपने दिल की भावना कुछ शब्दों में पिरोकर तुम्हें लिखकर ही भेज दूँ ! जन्मदिन तो हर वर्ष आता है, ढेर सारी ख़ुशियाँ लाता है, नयी पुरानी … Read more
कोहडा, तरोई, लौकी टूटे फूटे छप्पर, मुँडेर, खपरैल के छत की शान बढ़ाते थे और बरसात के महीनों में सब्ज़ियों का पूरा जुगाड़ कर जाते थे ।देशी टमाटर, आलू, मूली, बैंगन, भिंडी आदि जाड़े के मौसम में लहसुन, मिर्ची और हरी धनिया के साथ चटकारा लगाते थे ।ये शुद्ध मौसमी सब्ज़ियाँ सर्वसुलभ बहुतायत घर घर … Read more
पुरानी यादें है यादो का क्या … स्कूल की बात हम करते हैं अपने अनुभव साझा करते है कपड़ों का बस्ता सिलता थानववर्ष में नया बस्ता सजता था किताबें तरतीब से हम लगाते थे रद्दी पेपर या ख़ाकी पेपर की जिल्द हम चढ़ाते थे भरपूर महारथ हासिल थी ऐसे कामों के जो हम बाज़ीगर थे … Read more
बेटी आकृति ! शब्द नहीं है तुम्हारे इस पिता के पासतुम्हारे गुणों का मैं कैसे बखान करूँ तू पुष्प है मेरी डाली का,तू तो मेरा अरमान है ! मेरे आँगन की परी है तू ,पूरे परिवार की राजदुलारी है , तू मेरे दिल की धड़कन है, एक प्यार भरा अहसास है ।तेरे बिनु सब कुछ … Read more