ख़ूबियाँ ढूँढो गीत
जो जैसा भी है अपनाओ, उसमें खूबियाँ ढूँढोथोड़ा सा प्रेम मिलाओ, प्रेम रस घोलो दोषों की धूल हटाओ, मन का दर्पण साफ़ करो,हर चेहरे में रब दिखेगा, बस इतना सा काम करो।काँटों के संग ही खिलते, बगिया में कोमल फूलरात अँधेरी चाहे जितनी, भोर करे कबूल,हर पत्थर में शक्ल छुपी है, मूर्तिकार की आस,विश्वासों की … Read more