बैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ
बोले न बोले बस तुझे निहारता रहूँ..
करूं मैं इज़हार चुपचाप तू सुनती रहे
खूब खिलखिलाती रहे चहकती रहे
रूप तेरा न्यारा नयनों को मेरे प्यारा लगे
दिल तेरे प्यार में बेक़रार कहीं चैन न मिले
बैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ
बोले न बोले बस तुझे निहारता रहूँ..
सुन्दर साँचे में ढली कंचन काया है तेरी
भौरें झूम झूम गूंजे तू तो पराग से भरी
नेत्र तेरे कजरारे बाल तेरे काले घुंघराले
मदमस्त चाल है तेरी पूरे यौवन से भरी
बैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ
बोले न बोले बस तुझे निहारता रहूँ..
लेटा रहूँ दिन रात रख सिर गोद में तेरी
करूं मीठी मीठी बातें ख़्वाबों से भरी
मान ले मेरे दिल की बात कर मत इंकार
जरा बैठ मेरे पास मत करा अब इंतज़ार
बैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ
बोले न बोले बस तुझे निहारता रहूँ..
यदि पाऊँ तेरा साथ तेरा हाथ मेरे हाथ
भूल जाऊँ संसार तू तो प्यार की गगरी
फूलों का गजरा बनाऊँ मैं तुझे पहनाऊँ
तुझे आँखों मैं बैठाऊँ तू तो मेरे ख़्वाब की परी
बैठ जरा पास तुझे ही मैं देखता रहूँ
बोले न बोले बस तुझे निहारता रहूँ..