ऐ जिंदगी जरा ठहर जा रे

ऐ ज़िंदगी, ज़रा ठहर जा रे,काहे भागे अंधी चाल।मन का दीपक काँप रहा है,तेल न बचा, बाती ढाल॥तन तो चलता हाट-बाज़ार,मन बैठा सूने घाट।भीतर शोर, बाहर सन्नाटा,कौन सुने मन की बात॥मैं तो बँधा तेरी डोरी में,तू ही मेरी साँस।तू बिन सूना देह-नगरिया,टूटे हर विश्वास॥तन पर बोझ न दिखे ज़्यादा,मन पर पहाड़ समान।हँसत-हँसत थक जाता जीव,कहाँ … Read more

नाटक समझ के जीना रे मन

नाटक समझ के जीना रे मन, यह संसार है खेल।जब तक चलती साँसें हैं , निभा ले अपना मेल॥ आज हो, कल नहीं रहोगे, पल में जाता कालक्षणभंगुर है तन का मेला, सबका यही है हाल प्रभु ने जितनी डोर थमाई, उतना ही चलती रेलनाटक समझ के जीना रे मन, यह संसार है खेल॥तुम तो … Read more

भजन राम नाम रस

राम नाम रस पी ले रे मन, तेरे दुख सब मिट जायेंगेदुख के बादल चाहे जितने, एक क्षण में सब छँट जायेंगे माया के मेले में भटका मन, इधर-उधर तू डोल रहासुख की चाह में दौड़ता फिरता, पथ से दिग्भ्रमित हो रहाएक घड़ी को बैठ ज़रा मन, झाँक ज़रा तू भीतर अपनेराम नाम रस पी … Read more

गांव की रात गांव की भोर लोकगीत

गाँव की रात बड़ी प्यारी ओ रामा ×2गाँव की भोर बड़ी न्यारी ओ रामा ×2मिट्टी की खुशबू, मन में सुकून,यही धरती जग से प्यारीगाँव की रात बड़ी प्यारीगाँव की भोर बड़ी न्यारी ओ रामा ×2पूर्णिमा की चाँदनी छाई,मेले सजे तमाम,दूर कहीं नौटंकी बाजेहीर-किस्सों की शाम, झूम नचनिया ताल मिलाये वाह वाह हुंकारी, गाँव की रात … Read more

मौन से आया मौन मैं जाऊँ गीत

आया था मैं मौन ही, जाऊँगा भी मौनबीच की इन साँसों में, गूँजे जीवन-गौन, क्षण भर की ये यात्रा बस, पल भर का ये गांवआया था मैं मौन ही, जाऊँगा भी मौन ॥खुशियों के दो फूल मिले, दुख के काँटे हजारफिर भी मन ने थाम लिया, हर पल प्रेम-उधार, मिलना बिछड़ना धर्म रहा, खेल यही … Read more

जीवन में नम्रता रखो भजन

जीवन में नम्रता रखो, विनय से दीप जलाओ,अहंकार छोड़ दो मन का, राधे नाम बसाओ॥ धन-सम्पत्ति पल में घटती, रोग रूप को खा जाए,मान-सम्मान चुक जाता है, भूल ज़रा भर हो जाए।इस नश्वर दुनिया में कुछ भी, टिकता हैं नहीं यहाँ रहती सिर्फ दया-करुणा, बाकी परछाई हो जाए ॥ चेहरे की हर रेखा में ही, … Read more

चल कर्म की राह चल

चल कर्म की राह चल, हार से मत डर ऐ मन,जो जैसा बोए बीते पल, वैसा ही पाता जीवन ॥×2इस दुनिया रूपी सरिता में बहना ही पड़ता,दुख हो चाहे सुख हो जीना ही पड़ता।भाग्य तभी बनता संबल, जब श्रम बरसे सावन,जो जैसा बोए बीते पल, वैसा ही पाता जीवन ॥नियति लिखी सही मगर, बदलती हिम्मत … Read more

लोकगीत गांव की रात गांव की भोर

लोकगीत · “गाँव की रात, गाँव की भोर” ✍️गाँव की रात बड़ी प्यारी ओ रामा ×2गाँव की भोर बड़ी न्यारी ओ रामा ×2मिट्टी की खुशबू, मन में सुकून,यही धरती जग से प्यारीगाँव की रात बड़ी प्यारीगाँव की भोर बड़ी न्यारी ओ रामा ×2पूर्णिमा की चाँदनी छाई,मेले सजे तमाम,दूर कहीं नौटंकी बाजेहीर-किस्सों की शाम, झूम नचनिया … Read more

जीवन सत्य गीत

जीवन इक धारा है, धारा है बहता आए बहता जाए,आता रहता जन्म नया, इसी में डूबे उतरायेजीवन इक धारा है।।छुरी गले पर चल रही, फिर भी दया न आज,अहम् में जीवन जी रहा, जैसे हो स्थायी राज।ईश्वर की सृष्टि में, सबको समान अधिकार निर्बल पर जो दया करे, वही सच्चा कृपाण।।मरते प्रतिदिन लाख यहाँ, सब … Read more

भजन जीवन में नम्रता रखो

जीवन में नम्रता रखो, विनय से दीप जलाओ,अहंकार छोड़ दो मन का, राधे नाम बसाओ॥ ×2धन-सम्पत्ति पल में घटती, रोग रूप को खा जाए,मान-सम्मान चुक जाता है, भूल ज़रा भर हो जाए।इस नश्वर दुनिया में कुछ भी, टिकता नहीं है भाई,रहती सिर्फ दया-करुणा, बाकी है सब परछाई॥चेहरे की हर रेखा में ही, अनुभव छिपा सुहाना,नादानी … Read more