कोई आपसे करे शरारत
चुपचाप सहन कर लेना सब,
न बने असभ्य, न करे लड़ाई,
जीवन की यात्रा बहुत छोटी है ।
मन में सदा यह गाँठ बाँध लें,
निर्थक बातों पर चर्चा नहीं करना है,
शांत रहे, तनाव ग्रस्त न रहे आप,
जीवन की यात्रा बहुत छोटी है ।
कोई आपको करे अपमानित
नज़र अंदाज करें, न विवाद करे,
माफ़ करें उसकी नादानी,
जीवन की यात्रा बहुत छोटी है ।
नाज़ुक है रिश्तों के प्रेम का धागा,
झटका देकर कभी तोड़े मत,
टूट गया तो जुड़े न बन्धु,
जीवन की यात्रा बहुत छोटी है ।
यदि जोड़ लिया तो गांठ पड़ गयी,
गांठ पड़ी तो चिंता है,
चिंता है तो प्रत्यक्ष चिता खडी है,
जीवन की यात्रा बहुत छोटी है ।
सोने के अक्षरों में लिखे वाक्य,
“दयालु बने, क्षमाशील बनें”
बाँटे मुस्कान हर चेहरों को,
जीवन की यात्रा बहुत छोटी है!
स्वरचित