बया का घोंसला

ए मेरी प्यारी चिड़िया,

किस विश्वविद्यालय से

पढ़कर तू आयी है

जो ऐसी दक्षता पायी है ?

कितना सुन्दर, कितना अनुपम,

प्यारा सा तेरा यह घोंसला है

किन रेशमी तारों से यह सब बुनती है

किस नट बोल्ट से तू कसती है ।

तूफ़ानों के झंझावातो को भी

झेलने की क्षमता इसमें होती है

धूप, हवा और पानी की भी

पर्याप्त व्यवस्था तू रखती है ।

तेरी अभियांत्रिकी तो अद्भुत है

तूने कहाँ से डिग्री पायी है

बड़े बड़े इंजीनियरों को भी

तूने अच्छी मात दिखाई है !

तेरी सुन्दर कारीगरी देखकर

मन तुझ पर मेरा रीझ आया है

ज़रा बता तू अपनी ज़ुबानी

तूने यह कला कहाँ से पायी है ?

कुछ तो ऐसी दैविक शक्ति है

जो प्रत्येक जीव जीव में समाई है

तू भी तो प्रभु की एक अद्भुत संरचना है

विलक्षण बुद्धि जो ऐसी पायी है ।

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