मेरी प्यारी बेटी आशू,
आज तुम्हारे इस जन्मदिन के शुभ अवसर पर मैं तो आज वहाँ तुम्हारे पास नहीं हूँ परन्तु मेरे मन मस्तिष्क में आया कि क्योंन मैं अपने दिल की भावना कुछ शब्दों में पिरोकर तुम्हें लिखकर ही भेज दूँ !
जन्मदिन तो हर वर्ष आता है,
ढेर सारी ख़ुशियाँ लाता है,
नयी पुरानी स्मृतियों को संजोता है,
पुरानी यादें ताज़ा हो जाती हैं,
तुम्हारे बचपन की यादो को
बेबो की प्यारी हरकतों से
आज मै मिलाता हूँ
तो पाता हूँ कि वही
पुरानी आशू तो है
कुछ भी अंतर नहीं
मैं आँख मूँदकर
तुम्हारे बचपन में लौट जाता हूँ
तू तो मेरी प्यारी छोटी सी
नटखट सी गुड़िया थी
घर भर की राज दुलारी थी
शापिग सेंटर में
रोज़ टाफी के लिये तुझे
ले ज़ाया करता था
मेरी ऊँगली पकड़कर
ठुमक ठुमक चलती थी
तेरी हर माँग को
तेरा पापा पूरा करता था
तू रंग रूप से गोरी चिट्टी थी
बिल्कुल रंगरेज की बेटी जैसी लगती थी
लाल फ्राक की दीवानी थी,
बहन को भी नहीं शेयर करती थी,
आज वही रंग रूप, चुलबुली आदतें
बेबो भी रखती है
तुम जैसी ही तो वह दिखती है
मम्मा मुझे बुला रही है
कहकर रोनी लगती है
तुमसे मिलकर गले में
दौड़ कर चिपट जाती है
क्षण भर के लिये भी नहीं छोड़ती है
मुझे नानू न कहकर
पप्पी पप्पी बोलती है
हर क्षण ढूंढा करती है
ऊँगली पकड़कर
पार्क में खेला करती है
अब तो तुम सब बडे हो गये हो
अपने पैरों पर खड़े हो गये हो
पुरानी बातें पुरानी हो चली है
नई पीढ़ी का आगमन हो गया है
बेबो और शोनू में ही मैं
अब तुम सबको
ढूँढा करता हूँ
और मस्ती में झूमा करता हूँ !
तेरे इस जन्मदिन में
मैं आज क्या दूँ
क्या नही है तुम्हारे पास
हाँ एक चीज़ तो है मेरे पास
वह है ढेर सारा आशीर्वाद
सदा ख़ुश रहो
जहान की हर ख़ुशियाँ मिले
न रहे कमी तेरे जीवन में
किसी बात की
हँसता हुआ खिलखिलाता हुआ
जगमगाता हुआ
रहे दाम्पत्य जीवन तुम्हारा
स्वीकार कर यह बहुमूल्य
सप्रेम भेंट हमारा !!
🍾🎂💕🎁🍰💐💯
तुम्हारा प्यारा पापा