भजन-गीत : घने बादल छाए हैं
घने बादल छाए हैं,
हरियाली मुस्काए है,
हर बूँद में तेरा ही दर्शन
हे प्रभु! तू ही तो आए है।।
घने बादल छाए हैं
टप-टप करती बूंदें तेरी,
जैसे वीणा झनकाए।
हर झोंका तेरे स्वर में बोले,
मन भक्ति रस में समाए।।
हे प्रभु! तू ही तो आए है
सूखे पत्ते झर-झर गिरते,
सिखा रहे जीवन का सार।
जो जन्मा है वो झर जाएगा,
फिर भी है तेरा विस्तार।।
हर बूँद में तेरा ही दर्शन
प्रकृति सजी तेरे रंगों में,
धरती तेरी ओढ़े शान।
नील गगन में तेरा दरशन,
हर दिशा में तेरा गान।।
घने बादल छाए हैं
मन में उठे प्रेम की धारा,
नयनों से झरता नेह।
बरसे जब कृपा तेरी प्यारी,
भर जाए जीवन मेह।।
हर बूँद में तेरा ही दर्शन
हे प्रभु! तू ही तो आए है।।