हौसला

जीवन में हार नहीं मानना

जीत की असली निशानी है

हौसला रख तू

चट्टानों से भी टकराने की.

उड़ान भर ऊँचे क्षितिज तक

मत कर चिंता

धरती पर गिर जाने की .

छू ले ऊँचे आसमान को

बुलंदियों के झंडे फहराने तक,

तू समंदर सा गहरा है..

तो कोई गम नहीं मुझे

हौसले मेरे भी

चट्टान से कम नही..

कश्ती का मैं नाविक हूँ

डूब जाने का डर नही

हम भी तैयार हैं

तूफ़ानी लहरों से टकराने की.

हौसला ही मेरा संबल है

यही मेरा आत्म बल है

मात मत दे मुझे हराने की

आखिर कब तक

तू टिक पाएगा

मेरे बुलंद हौसलों के आगे

बढ़ते जायेगे हम कर्म पथ पर

अपनी मंज़िल पाने की..

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