मृत्यु एक अन्तिम कड़ी

दूर कर भ्रम यह मन से

मृत्यु सत्य की अंतिम कड़ी है

जन्म और मोक्ष की

यह महा अनुपम घड़ी है ।

मृत्यु-जीवन सतत प्रक्रिया

सृष्टि की सुन्दर लड़ी है

क्या है डरना मौत से

मौत तो पग पग खड़ी है ।

यह तो पुतला मिट्टी का है

पंच तत्वों में सनी है

विलीन हो जायेगी एक दिन

शोक की क्यों पड़ी है ।

कर्म ही उद्देश्य तेरा

फल की चिंता क्यों पड़ी है

जब वह रक्षक धर्म का

चिंता तुझे किसकी पड़ी है ।

आत्म तत्व का ज्ञान जिसको

मृत्यु उसको एक सीढ़ी है,

पग नहीं रुकते डगर पर

प्रभु के दर्शन की पड़ी है ।

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