जप ले राम का नाम भजन

साधक, सिद्ध और योगी गण,

नित जपते हृदय में प्रभु का नाम

पाते वे अनुपम, अनिर्वचनीय विश्राम,

रे मन ! जप ले तू राम का नाम ।

जो नित राम नाम जपते हैं

मिट जाते उनके भव संकट सारे,

जीवन में राम नाम ही है आधार,

रे मन ! जप ले तू राम का नाम ।

चारों युगों में है नाम प्रभाव,

पर इस कलिकाल की महिमा निराली

केवल है राम नाम आधार

रे मन ! जप ले तू राम का नाम ।

नाम के गुणों की है अकथ कहानी

नाम से शिला सिंधु तैर जाये,

नाम से प्रह्लाद हुये भगत शिरोमणि,

रे मन ! जप ले तू राम का नाम ।

नाम प्रताप नारद जी जाने

भ्रमण करते कर में ले वीणा,

जपते नारायण का गुणगान,

रे मन ! जप ले तू राम का नाम ।

राम नाम मेरे शिव को भाये

रामायण की हर गुण गाये

रखा नाम स्वयं राम चरित मानस,

रे मन ! जप ले तू राम का नाम ।

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