सत्कर्म करो, सत्कर्म करो, मन में शांति पाओ रे ।
फल मिले या न मिले, प्रभु का नाम बस गाओ रे ॥
कर्म जो पावन करते हो, संतोष स्वयं ही आए
इच्छित फल चाहे न मिले, प्रभु चरणों में सुख पाए
सत्कर्म करो, सत्कर्म करो, मन में शांति पाओ रे ।
गलत राह के पथिक कभी, सच्चा सुख न पाते
सत्य मार्ग पर चलने वाले ही प्रभु कृपा को पाते
सत्कर्म करो, सत्कर्म करो, मन में शांति पाओ रे ॥
सेवा, दया, प्रेम का दीपक जीवन में जलाओ
हर श्वास में हर क्षण प्रभु का नाम बस गाओ
सत्कर्म करो, सत्कर्म करो, मन में शांति पाओ रे ॥