मौन आत्म चिंतन है
मौन आत्म ज्ञान है
वाणी में यदि मौन है
मौन वह सशक्त है ।
मौन व्यक्तित्व है
मौन स्वयं में समर्थ है
मौन के भार से तो
शब्द भी स्तब्ध है ।
मौन में विश्राम है
विश्राम ही एकांत है
एकांत में ही ध्यान है
ध्यान में भी मौन है ।
मौन में विरक्ति है
बुद्धत्व की शक्ति है
मौन एक उपासना है
मौन एक साधना है ।
साधना में ईश्वरत्व है
ईश्वरत्व में कल्याण है
मौन की शक्ति तो
मौन में ही व्याप्त है ।