भगवान भी रोते हैं

मन में एक प्रश्न उठा

क्या कभी ईश्वर भी रोता है ?

सही उत्तर यही प्रतीत होता है

ऐसा संभव ही नही है ..

सृष्टि के रचयिता को

किस बात का दुख है जो वह रोये

कदापि नही .

परन्तु ऐसा नहीं है ..

ऐसा भी होता है जब भगवान रोते हैं

भगवान श्रीकृष्ण मित्र सुदामा के पैरों में

पड़ी बेवाई को देखकर रोते हैं ..

अपने आंसुओं के जल से

मित्र के पैरों का प्रक्षालन करते हैं

मित्र के दुख से दुखी दिखते हैं.

भगवान राम वन वन में भटकते हैं

माँ सीता की खोज में विलाप करते हैं ..

भ्राता लक्ष्मण को जब मेघनाद की

वीरघातिनी शक्ति लगती है

हनुमान संजीवनी बूटी लेने जाते हैं

जब तक लौटकर नहीं आते है

रात भर भाई लक्ष्मण को

गोद में लेकर विलाप करते है

कई ऐसे उद्धरण मिलते हैं

जब दिखता है भगवान रोते हैं

अपने भक्त के लिये ..

नर लीला को सार्थक करने के लिये .

भगवान जब मानव के रूप में

धरती पर अवतरित होते हैं

तो लौकिक लीलायें ही करते हैं

मानव की हर भावनाओं के

साथ जीते हैं

भगवान भाव के भूखे होते हैं

मेरे भगवान भी रोते हैं .. ..

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