मित्रों एक ऐसा दिया जलायें
हृदय स्थल तक प्रकाश करे
मन का कलुषित भेद मिटा दे
जड़ से इसका विनाश करें ।
क्या तेरा है और क्या मेरा है
यह सब मन का ही फेरा है
जब तक है प्राण इस तन में
साथ बैठकर हम श्वास भरे ।
एक दिया इतना सुन्दर हो
जैसे होता देवों का उपवन
सुन्दर दिव्य ज्योति जलाये
देव गण हमारा कल्याण करे ।
एक दिया विश्वास का जलाये
जिनका आत्म विश्वास टूट गया
दे भरोसा विश्वास का उनको
उनके जीवन तम में प्रकाश करें ।
एक दिया जो याद दिलाये
हर रात के बाद आता सवेरा है
मृत जीवन में भर दें आशा
नव स्फूर्ति नव संचार करे ।
एक दिया उनकी खातिर हो
जिनके घर में दिया नहीं
एक दिया बिछड़े स्वजनों को
जो यादों में नित वास करे ।
एक दिया सीमा के रक्षक
अपने सब वीर जवानों का
एक दिया मानवता-रक्षक
जग का जो कल्याण करे |