ऊं जय शिव शंभु !!! ऊं जय शिव शंभु !!
गूंज है आपके नाम की हर ओर हे भोले नाथ।
उमा संग हैं राजते गिरिजापति पशुपतिनाथ ॥
ऊं जय शिव शंभु !! ऊं जय जय शंभु !!
भक्त आपके मस्त हैं कर रहे हैं जय जयकारा
कांवड़ियों का शोर है बम बम बम का है नारा ।
ऊं जय शिव शंभु !! ऊं जय जय शंभु !!
श्रावण माह का पर्व ये सब पर्वों में न्यारा
महादेव का मास है मन्दिर मन्दिर जयकारा ।
ऊं जय शिव शंभु !! ऊं जय जय शंभु !!!
रिमझिम पड़ती फुहार हैं शिव अमृत इव बूँदे
आह्वालादित करती मन को भक्त मस्ती में झूमे ।
ऊं जय शिव शंभु !! ऊं जय जय शंभु !!
हे देवों के महादेव ! हे काल के महाकाल !
सृष्टि के आधार प्रभु ! तेरी महिमा है अपरंपार
ऊं जय शिव शंभु !! ऊं जय जय शंभु !!
हे त्रिनेत्र ! हे शूलपाणि ! तेरा स्वभाव तो है उदार
रहते भक्तों पर सदा कृपालु कृपादृष्टि कर दो एक बार !
ऊं जय शिव शंभु !! ऊं जय जय शंभु !!