तुम मिले

तुम मिले हमें लगा

तुम ही मेरा प्यार हो !!

संग संग चले, गले हम मिले,

दिल ने कहाहाँ, तुम ही मेरा प्यार हो।

दिल ये मेरा धड़कने लगा

सोचकर तुम ही,, हाँ मेरा प्यार हो,

अब क्या हुआ क्यों चले छोड़कर बीच डगर

कहते हो प्रिय तुम नहीं हो मेरे जीवन सफर,

पर इस दिल का क्या करूं

जो मानता ही नहीं

तुम नहीं अब मेरा रहे प्यार हो ।

टूट जाऊँगी मैं,, बिखर जाऊँगी मैं,

जी पाऊँगी मैं या प्यार में मर जाऊँगी मैं,

नहीं कुछ पता,, आगे की जिन्दगी

जाओ प्रिय तुम तो अपनी डगर

चुन लो कोई नया जीवन सफर

ख़ुश तुम रहो,, पर भूलूँगी न मैं

तुम ही तो मेरा पहला प्यार हो ।

दिल दिया तो दिया ये मेरे में बस में नही

नाज़ुक है ये दिल टूटने पर जुड़ता नही,

नेत्र अश्रुओं का क्या करूँ ये लुढ़कता ही रहा

कपोलों पे मेरे बहता ही रहा,

अश्रु धार बहती रहे, गालों पर लहराती रहे

बहने दो इन्हें, न रोकेंगे इन्हें,

हर बूँदे कहें यही ये कहे

तुम ही मेरे पहला प्यार हो।

तू मेरे पास है ऐसा मुझे अहसास है

पुकारूँ तुझे तू मुझसे रूठा नहीं

ये मौसम ज़रा बदला सा हुआ

तू मिलेगा मुझे ऐसा विश्वास है

तू तो मेरे लिये ही है बना

ये दिल तुझ पर ही फना

न रह पायेंगे हम न रह पाओगे तुम

ये दिल कहता यही, पुकारता यही

हाँ हाँ तू ही तो प्यार हो ।

Leave a Comment